दोस्ती एक विश्वास का प्रतीक होती है लेकिन कुछ धोखेबाज दोस्त होते हैं जो इस विश्वास को तोड देते हैं कभी कभी ऐसा लगता है ऐसे धोखेबाज दोस्तों से तो अच्छा है किसी है दुश्मनी कर लें वो याद तो करेगा ना
पहले वाले भी क्या दिन😌 थे लोग एक दुसरे से मिलने हालचाल पूछने आते थे ओर आज लोग आते हैं पर हालचाल पूछने नहीं अपने मतलब से जेसे ही काम पूरा वे से ही पुछते है कोन हो तुम 😟